बहुत दिन बाद जब दस्तक दिया उसने।

कौन है???
ये आवाज अंदर से आइ,
नजरे पहचान रही थी।
कम्बखत दिल भी पहचान रहा था।
उसकी खुश्बु भी उसके होने का एहसास दिला रही थी।
पर कम्बखत दिल कह रहा था वो अजनबी है,
वो तो है किसी और से मिलने आई।
तुझमे और तेरी खत मे बस फर्क है इतना,
वो गलती से गलत पते पर सही वक्त पे आई,
और तु गलती से सही पते पर गलत वक्त पे आई…..
जब काँटा ही था मैं तेरी मंजिलो के रास्तों का तो,
तो फिर से तुझ जैसी फूल उसे अपना हिस्सा कहने क्यु आई…..???
फिर से उसे अपना हिस्सा कहने क्यु आई…..???

Advertisements

Justice for all rape victims

इस झूठी दुनिया में किससे से आशिकी कि उम्मीद करे??
यहां जब लोग सहम के सिसकते हुए होठों कि आवाज नहीं सुन सकते
तो भला मेरे दिल की आवाज कैसे सुनेंगे..

मोदी को बुरा-भला बोलने बाले
वह तो फकीर है, फकीर की माफिक आया है।
काम करेगा और जाएगा।
जिसके पूरे खानदान ने मिलकर देश को लूटा है तुम उसी के गुण गाते हो।
सोनिया, मुलायम और लालु की तरह
उसका कोई युवराज नहीं जो वह
राज-तिलक कर जाएगा।
देश की खातिर जिया है
देश के लिए मर जाएगा।…

जीवन और जात-पात

मैं भी अपनी माँ के गर्भ से आया हूँ
तुम भी अपनी माँ के गर्भ से आये हो।
मेरे भी धर्म में मृत्यु एक विराट सच है
तुम्हारे भी धर्म में यह एक विराट सच है।
मेरा भी खाक होगा तेरा भी खाक ही होगा
फिर इस जन्म और मृत्यु के बीच मे जात-पात का नफरत क्यु???

समझ

कुछ लोगों को हम और कुछ लोग हमें
समझने में गलती कर जाते हैं नहीं तो
इतनी छोटी जिंदगी में नफरत के लिए समय किसके पास हैं।

Indian politics on kathua kand

कठुआ कांड में लोगों को इंसाफ इसलिए नहीं चाहिये कि इस दरिंदगी कि शिकार एक बच्ची हैं।
बल्कि उनको इंसाफ इसलिए चाहिये क्योंकि वह एक मुस्लिम बच्ची हैं।
और आरोपी हिन्दू है।

Proud to be part of dirty indian politics..

मौत मेरा महबूब

आज मेरी उम्र 18 वर्ष है और आजतक अगर मुझे किसी चीज पे शक नहीं हुआ और मैं जिसपर भरोसा कर सकता हूं वो मौत हैं। हो सकता है कि आपको यह बात अटपटी लगे लेकिन यह सच है। एक यही जो सभी के लिए बराबर है। एक यही है जिसे सभी धर्मों में समान रूप से स्वीकारा गया है। एक यही है जिसके बाद आदमी बुरा हो या अच्छा फर्क नहीं पड़ता। आँखें नम होती ही है। मौत मेरा महबूब है। जी हाँ मौत मेरा महबूब है उससे सच्ची और अच्छी आशिकी कोई नहीं कर सकता। मैं मेरे महबूब को भूल जाऊं हो सकता है लेकिन मेरा महबूब मुझे नहीं भूलेगा। मैं चाहे जिससे भी आशिकी कर लूँ लेकिन जब वो आएगा और आके मुझे गले लगाएगा तो मैं सारी दुनिया को भुला कर हमेशा के लिए उसके बाहों में सो जांउगा…
By :-Ashutosh Anand Thakur